पशु पालक को चारे का रखना हो ध्यान नही तो पशु की चली जायेगी जान

*सभी पशुपालकों के लिए एक सलाह* :-

पशुपालक भाइयों गेहूं की कटाई का कार्य शुरू हो चुका है और *गेहूं की नई तुडी/ गेहूं का नया भूसा* की आवाक भी शुरू हो गयी है।

गेंहू की *नई तुडी पशुओं के पाचन को बहुत अधिक प्रभावित करती हैं* यानी नई तुडी में सेल्यूलोज की मात्रा अधिक होती हैं जो की पशुओं के पेट में पहुत धीरे पचता हैं साथ ही साथ कुछ पशूओं विशेषकर ग्याभिन पशूओं में आफरे की समस्या भी इसी तुङी के कारण दिखाई दे सकती हैं इसी लिए नयी तुङी को पशुओं को खिलाने से लगभग 12 घंटे पहले *तुङी या भूसे पर पानी का छिङकाव करें या बाँटे में भिगो कर रखना चहिए* ताकि तुडी कुछ सॉफ्ट हो जाय, (उदाहरण के लिए सुबह चराई करानी है तो पहले दिन की शाम को पानी का छिङकाव करके रखें) और नया चारा पशुओं को एक साथ अधिक मात्रा में नहीं खिलाना चाहिए, जिन पशुपालकों के पास पूरानी तुङी कुछ मात्रा में अभी भी मौजूद है वो नयी तुङी के साथ मिलाकर ही पशूओं को डाले | तथ नए चारे को पशु के आगे एक साथ अधिक मात्रा में नही डालना चहिए दिन में कम से कम थोड़ा – थोड़ा करके 3 बार खिलाना चाहिए ।

पशुओं की पाचन क्रिया को सही बनाएं रखने के लिए पशुओं को *रोजाना 30-40 gm नमक खिलाना चहिए* और नई तुडी शुरु करते समय कुछ समय तक पशुओं को *10-12gm मीठा सोढा रोजाना 15 से 20 दिन तक* देना चहिए ताकी पाचन से सम्बन्धित कोई समस्या उत्पन ना हो।
साथ ही पशुओं को *कृमिनाशक दवा* भी नई तुडी खिलाने से पहले देंनी चहिए।
धन्यवाद ।

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